वैदिक यज्ञ से दोष शांति एवं सिद्धि
कालसर्प शांति, पितृ दोष, महामृत्युंजय, नवरात्रि साधना, मंगल दोष और शनि शांति जैसे अनुष्ठान संकल्प, नाम-गोत्र और वैदिक विधि से कराए जाते हैं।
- वैदिक मंत्रों और शास्त्रोक्त विधि से अनुष्ठान
- उज्जैन में पूजा-अनुष्ठान का विशेष महत्व
- यज्ञ के बाद यंत्र, मंत्र और उपाय का सम्पूर्ण मार्गदर्शन
- ऑनलाइन लाइव दर्शन और प्रत्यक्ष दोनों विकल्प
उज्जैन में यज्ञ का विशेष महत्व
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की नगरी उज्जैन में किए गए अनुष्ठान को विशेष श्रद्धा और आध्यात्मिक महत्व से देखा जाता है।
अपनी आवश्यकता अनुसार यज्ञ चुनें
कालसर्प दोष शांति
राहु-केतु शांति, नाग पूजन, तर्पण और शांति मंत्रों से अनुष्ठान।
पितृ शांति पूजा
पितृ दोष, तर्पण, श्राद्ध और पितृ शांति संकल्प के साथ पूजा।
महामृत्युंजय अनुष्ठान
आरोग्य, आयु, दुर्घटना भय और मानसिक शांति के लिए मंत्र जप व हवन।
मंगल दोष शांति
विवाह विलंब, मांगलिक दोष और संबंध बाधा के लिए विधि-विधान।
शनि शांति पूजा
साढ़ेसाती, ढैय्या, करियर बाधा और कर्म संबंधी कष्टों में मार्गदर्शन।
नवरात्रि साधना
9 दिन की साधना, दुर्गा सप्तशती पाठ और विशेष संकल्प पूजा।
यज्ञ + यंत्र + मंत्र सम्पूर्ण समाधान
कालसर्प शांति पैकेज
यज्ञ, शांति यंत्र और मंत्र मार्गदर्शन के साथ विस्तृत समाधान।
- यज्ञ
- यंत्र
- मंत्र
पितृ + कालसर्प समाधान
दो प्रमुख दोषों की शांति के लिए संयुक्त अनुष्ठान मार्गदर्शन।
- पितृ शांति
- कालसर्प शांति
- दान-विधि
नवरात्रि सम्पूर्ण साधना
नवरात्रि में 9 दिन विशेष संकल्प और साधना।
- दैनिक पूजा
- संकल्प
- प्रसाद
प्रक्रिया सरल और स्पष्ट
हर चरण में आपकी जानकारी, उद्देश्य और सुविधा को ध्यान में रखकर मार्गदर्शन दिया जाता है।
संपर्क और कुंडली अध्ययन
समस्या, नाम-गोत्र, जन्म विवरण और दोष की स्थिति समझी जाती है।
तिथि और न्यौछावर
शुभ मुहूर्त देखकर अनुष्ठान की तिथि और प्रक्रिया तय की जाती है।
यज्ञ / अनुष्ठान सम्पन्न
संकल्प, जप, पूजा, हवन और दान-विधि शास्त्रसम्मत रूप से की जाती है।
प्रसाद और मार्गदर्शन
अनुष्ठान के बाद प्रसाद, फोटो/वीडियो और आगे के नियम बताए जाते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या ऑनलाइन यज्ञ कराया जा सकता है?
हाँ, संकल्प नाम-गोत्र से लिया जाता है और लाइव दर्शन/फोटो-वीडियो की व्यवस्था की जा सकती है।
पूजा सामग्री कौन लाता है?
अधिकतर अनुष्ठानों में सामग्री की व्यवस्था केंद्र द्वारा बताई या कराई जाती है।
तिथि कैसे तय होती है?
तिथि समस्या, मुहूर्त और उपलब्धता देखकर तय की जाती है।
यज्ञ / अनुष्ठान बुक करें
नाम, जन्म विवरण, गोत्र और समस्या भेजें। टीम तिथि, विधि, न्यौछावर और ऑनलाइन/प्रत्यक्ष विकल्प बताएगी।